टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी 22,750–22,800 के जोन के ऊपर अपनी रिकवरी बनाए रखने में नाकाम रहा और वापस 22,600 के लेवल की तरफ आ गया, जिससे बाज़ार का ओवरऑल स्ट्रक्चर दबाव में बना हुआ है। 22,600 का जोन एक अहम इमीडिएट सपोर्ट बना हुआ है, जिसके बाद 22,400 का लेवल आता है। जबकि, ऊपर की तरफ 22,750–22,800 के लेवल के इमीडिएट रेजिस्टेंस और 23,000 के लेवल के एक बड़े रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की संभावना है। इंडेक्स के छह महीने के निचले स्तर के आसपास ट्रेड करने और बाजार में भागीदारी कमजोर रहने के कारण नियर टर्म में सतर्क रहने की ज़रूरत है। इसलिए चुनिंदा शेयरों पर फोकस करने और अहम सपोर्ट लेवल पर नजर रखने की सलाह होगी।