यह देखना भी जरूरी है कि मौजूदा निर्माण मंजूर नक्शे और नियमों के मुताबिक है या नहीं। RBI के हाउसिंग फाइनेंस फ्रेमवर्क के मुताबिक, बने हुए घर को खरीदने वाले व्यक्ति को यह घोषणा करनी होती है कि प्रॉपर्टी मंजूर नक्शे और लागू बिल्डिंग नियमों के मुताबिक बनी है। जहां संभव हो, कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी होना चाहिए। लोन जारी करने से पहले बैंक को आर्किटेक्ट से भी निर्माण के नियमों के पालन की पुष्टि करानी होती है।