ओला इलेक्ट्रिक को पहले 1,500 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी मिली थी। इसमें से 780 करोड़ रुपये जून 2026 में QIP (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) के जरिए जुटाए गए थे। इसके बाद कंपनी ने पूंजी जुटाने के लिए राइट्स इश्यू का रास्ता चुना है, और यह प्रस्ताव अभी बोर्ड की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। ओला इलेक्ट्रिक में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर ग्रुप के पास 32.97 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।