उत्तर प्रदेश के झांसी से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के बच्चों के वार्ड(NICU) में शुक्रवार रात को आग लग गई। इस घटना में 10 शिशुओं की मौत हो गई जबकि 16 बच्चे जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। वहीं, रेस्क्यू कर 37 बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हादसे में कई परिवारों ने अपने मासूम को खो दिया। शुरूआत जांच में लापरवाही की भी बात सामने आ रही है। अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने घटना को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है।
झांसी अग्निकांड की घटना ने पूरे देश को दहला दिया है। जान-गंवाने वाले बच्चों के मां-बाप की चीख-पुकार किसी का भी कलेजा चीर देगा। वहीं, घटना पर सीएम योगी ने भी दुख जताते हुए मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। मुआवजे का भी ऐलान कर दिया गया है। घटना पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी दुख जताया है। साथ ही सरकार से घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की है। मगर उन्होंने घटना को लेकर योगी सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए है।
बच्चे खोने का दर्द परिवारवाले ही समझ सकते हैं-अखिलेश
अखिलेश यादव ने अपने X पोस्ट में लिखा, झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 बच्चों की मृत्यु एवं कई बच्चों के घायल होने का समाचार बेहद दुखद एवं चिंताजनक है। सबके प्रति संवेदनात्मक श्रद्धांजलि। आग का कारण ‘ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर’ में आग लगना बताया जा रहा है। ये सीधे-सीधे चिकत्सीय प्रबंधन व प्रशासन की लापरवाही का मामला है या फिर खराब क्वॉलिटी के आक्सीजन कॉन्संट्रेटर का। इस मामले में सभी जिम्मेदार लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री जी चुनावी प्रचार छोड़कर, सब ठीक होने के झूठे दावे’ छोड़कर स्वास्थ्य और चिकित्सा की बदहाली पर ध्यान देना चाहिए। जिन्होंने अपने बच्चे गंवाएं हैं, वो परिवारवाले ही इसका दुख-दर्द समझ सकते हैं।
अखिलेश का सीएम योगी से बड़ा सवाल
घटना को लेकर यूपी सरकार पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने लिखा, ये सरकारी ही नहीं, नैतिक जिम्मेदारी भी है। आशा है चुनावी राजनीति करनेवाले पारिवारिक विपदा की इस घड़ी में इसकी सच्ची जांच करवाएंगे और अपने तथाकथित स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्रालय में ऊपर-से-नीचे तक आमूलचूल परिवर्तन करेंगे। रही बात उप्र के ‘स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री’ की तो उनसे कुछ नहीं कहना है क्योंकि उन्हीं के कारण आज उप्र में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था की इतनी बदहाली हुई है। संकीर्ण-साम्प्रदायिक राजनीति की निम्न स्तरीय टिप्पणियाँ करने में उलझे मंत्री जी को तो शायद ये भी याद नहीं होगा कि वो ‘स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री’ हैं। न तो उनके पास कोई शक्ति है न ही इच्छा शक्ति, बस उनके नाम की तख्ती है। सबसे पहले उप्र भाजपा सरकार समस्त झुलसे बच्चों के लिए विश्वस्तरीय चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराए व जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है, उन समस्त शोक संतप्त परिवारों को 1-1 करोड़ संवेदना राशि दे। गोरखपुर न दोहराया जाए।
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