अयोध्या में हनुमानगढ़ी के फायर ब्रांड संत महंत राजूदास मीडिया की सुर्खियों में छाए रहते हैं। अब एक बार फिर उनको लेकर मीडिया में खबरों का बाजार गर्म है। ताजा मामले में महंत को एक अज्ञान नंबर से फोन कॉल और व्हाट्सएप काल करके किसी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। महंत ने बताया कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा गई हो। इस बार इस शख्स ने फोन कॉल के बाद व्हाट्सएप कॉल करके भी धमकी दी है। महंत आए दिन आने वाली इन धमकियों से दुखी हैं। उन्होंने योगी सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
महंत राजूदास ने योगी सरकार से अपील की है कि आखिर कौन उन्हें धमकी दे रहा है? इस बात की प्रशासन जांच करवाए राजू दास ने इस दौरान ये भी बताया कि इसके पहले भी राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस बार जब उन्हें जान से मारने की धमकी आई तो उन्होंने उस नंबर को ब्लॉक लिस्ट में डाल दिया। तो चलिए आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं कि आखिर इस धमकी के बाद अयोध्या हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास योगी सरकार से क्या अपील की है और वो इस पर क्या एक्शन चाहते हैं?
‘…. तुम्हारा हश्र ठीक नहीं होगा’ – महंत राजूदास
महंत राजूदास ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘मैं शिकायत तो नहीं करता था लेकिन फोन कॉल पर धमकी दिया है व्हाट्सएप कॉल पर भी धमकी दिया है कि आप सनातन पर नहीं बोलोगे बहुत सनातन पर बोलते हो और बहुत हिन्दू धर्म करते हो। बहुत वक्फ बोर्ड को खत्म करने की बात करते हो ये तुम्हारे लिए ठीक नहीं है। तु्म्हारा भी हश्र अच्छा बहुत खराब होगा। इसके बाद मैंने फोन काट दिया और नंबर को ब्लैकलिस्ट में डाल दिया। प्रशासन को अप्लीकेशन देंगे कि इस शख्स के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे। ये कौन व्यक्ति है कहां का व्यक्ति है?’
प्रशासन पर लगाए उपेक्षा के आरोप
महंत राजूदास ने आगे कहा, ‘अभी आपने देखा होगा कि लोग राम मंदिर को भी उड़ाने की धमकी दे रहे थे। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार जब ठीक से कार्रवाई करेगी तो ऐसी मानसिकता वालों को थोड़ा डर होगा। इस धमकी के बाद मैं पूज्यनीय योगी आदित्यनाथ जी से निवेदन करूंगा कि इस विषय की जांच होनी चाहिए और जो भी सनातन पर कार्य करने वाले हैं हिन्दुत्व पर कार्य करने वाले हैं उनके साथ प्रशासन इस तरह से हीला हवाली करती है ये अच्छी बात नहीं है।’ राजूदास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि इस मामले की हाईलेवल की जांच हो। राजूदास ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सनातन और हिंदुत्व के लिए काम करने वालों की सुरक्षा पर प्रशासन ध्यान नहीं देता है।