Irfan Solanki News: इरफान सोलंकी को उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव के बीच बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश में 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 20 नवंबर को वोटिंग होनी है। सीसामऊ विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव हो रहा है, जहां से इरफान सोलंकी विधायक रहे हैं। फिलहाल उपचुनावों के लिए वोटिंग से ठीक पहले इरफान सोलंकी को जमानत मिल गई है। हालांकि उनकी विधायकी बहाल नहीं होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इरफान सोलंकी और अन्य आरोपियों को जमानत दी है। मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 8 नवंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। हालांकि हाईकोर्ट ने सजा पर रोक नहीं लगाई है। ऐसे में इरफान सोलंकी की विधायकी बहाल नहीं होगी। दूसरी बात ये भी कि सीसामऊ में उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है, जहां से समाजवादी पार्टी ने इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी को उम्मीदवार बनाया है।
इरफान सोलंकी आगजनी के मामले में पाए गए दोषी
जून में कानपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता इरफान सोलंकी और उनके छोटे भाई रिजवान सोलंकी समेत तीन अन्य को 7 साल कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। स्थानीय अदालत ने कानपुर में एक महिला के घर में आग लगाने के मामले में इरफान सोलंकी और अन्य को दोषी ठहराया था। सजा के खिलाफ इरफान सोलंकी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया और मामले में अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला?
8 नवंबर 2022 को नजीर फातिमा ने जाजमऊ थाने में इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी और तीन अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 436, 506, 504, 147, 427, 386 और 120बी के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी और अन्य ने साजिश के तहत उसके घर में आग लगा दी, ताकि वो उसकी जमीन पर कब्जा कर सकें। इसी मामले में इरफान सोलंकी दोषी पाए गए। समाजवादी पार्टी के नेता के तौर पर कानपुर जिले के सीसामऊ से 2022 का विधानसभा चुनाव जीतने वाले इरफान सोलंकी को दोषी ठहराए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
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