(खबरें अब आसान भाषा में)
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने बताया है कि दुनिया भर में जबरन विस्थापित लोगों की संख्या में एक दशक में पहली बार कमी आई है. इसके बावजूद, यह संख्या अब भी बहुत अधिक है और करोड़ों लोग लम्बे समय से निर्वासन में फँसे हुए हैं, जहाँ उनके लिए जीवन फिर से शुरू करने की सम्भावनाएँ बेहद सीमित हैं.