प्रशान्त महासागर में ‘ऐल नीन्यो’ नामक जलवायु प्रभाव के कारण समुद्री जल का तापमान असामान्य रूप से बढ़ रहा है, जिससे विश्व भर में तापमान और वर्षा सम्बन्धी रुझानों पर गहरा असर होने की आशंका प्रबल है. इसके मद्देनज़र, संयुक्त राष्ट्र ने सभी देशों से समय पूर्व चेतावनी प्रणालियों को मज़बूती देने का आग्रह किया है ताकि चरम मौसम घटनाओं के जोखिम की तैयारी की जा सके.