सूडान में तीन वर्ष से जारी भीषण युद्ध के दौरान महिलाएँ और लड़कियाँ लगातार ख़तरे और लैंगिक हिंसा के जोखिमों का सामना कर रही हैं. उनके लिए सभी स्थान एक जैसे हैं, चाहे वे हिंसा व अस्थिरता से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रही हों या विस्थापन शिविरों में पहुँच रही हों, सबको जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है.