दक्षिण सूडान के ‘रेजाफ़ पश्चिम’ इलाक़े में लघु किसान, सिंचाई, प्रशिक्षण, बाज़ार तक पहुँच और जलवायु-कुशल खेती के सहारे सब्ज़ियाँ उगा रहे हैं, अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं और खाद्य सुरक्षा को भी मज़बूती दे रहे हैं. भारत, ब्राज़ील व दक्षिण अफ़्रीका द्वारा स्थापित (IBSA) कोष के ज़रिए यह बदलाव लाने में मदद मिल रही है, जोकि निर्धनता और भूख उन्मूलन पर केन्द्रित है.