विश्व भर में, विकास के कई मोर्चों पर प्रगति की रफ़्तार न केवल थम रही है, बल्कि पिछले कई दशकों में कठिनाई से हासिल किए गए सुधारों की दिशा भी पलट रही है. संयुक्त राष्ट्र ने एक नई रिपोर्ट में आगाह किया है कि पारस्परिक सहयोग के कमज़ोर होने, व्यापार अवरोधों के बढ़ने, भूराजनैतिक तनावों में वृद्धि होने और जलवायु संकट के गहराने से नई चुनौतियाँ उपज रही हैं जबकि बहुपक्षवाद पर प्रहार से स्थिति और बिगड़ रही है.