यूक्रेन पर रूसी सैन्य बलों द्वारा पूर्ण स्तर पर किए गए आक्रमण के चार वर्ष बीतने के बावजूद, आम नागरिकों के लिए ख़तरा केवल बढ़ता ही जा रहा है, विशेष रूप से ड्रोन हमलों की वजह से. मानवाधिकार मामलों के लिए उप उच्चायुक्त नादा अल-नशीफ़ ने गुरूवार को जिनीवा में मानवाधिकार परिषद को जानकारी देते हुए यह चेतावनी जारी की है.