संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 8 मार्च को, ‘अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर अपने सन्देश में सचेत किया है कि जब तक महिलाओं को पुरुषों के बराबर क़ानूनी अधिकार नहीं मिलते हैं, तब तक सही मायनों में लैंगिक समानता सम्भव नहीं होगी. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि महिलाएँ व लड़कियाँ दुनिया को बदल रही हैं, और अब यह समय उनके लिए दुनिया को बदलने का है.