मध्य पूर्व में भीषण टकराव और गहराते संकट के बीच, समुद्री जहाज़ों की आवाजाही में व्यवधान आ रहा है और इसकी वजह से सामान की क़ीमतों में उछाल आने और विश्व भर में मानवीय सहायता की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है. वहीं, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी संगठन (UNHCR) ने मध्य पूर्व के विभिन्न देशों में विस्थापितों की संख्या में वृद्धि होने और उनकी आवश्यकताओं के मद्देनज़र, इस संकट को एक विशाल मानवीय आपात स्थिति घोषित कर दिया है.