सूडान में परस्पर विरोधी सैन्य बलों के बीच 1 हज़ार दिन पहले हिंसक टकराव भड़क उठा था, जिसने देश को एक विशाल भूख संकट व अभूतपूर्व विस्थापन के कारण उपजी आपात स्थिति की ओर धकेल दिया है. संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी कार्यालय ने क्षोभ जताया है कि हर दिन देश के आम नागरिक एक ऐसे युद्ध की क़ीमत चुका रहे हैं, जिसे उन्होंने नहीं चुना है.