ग़ाज़ा में एक गर्भवती महिला इस डर में जी रही थी कि कुपोषण के कारण शायद वो अपना बच्चा नहीं खो बैठे. दस दिन पहले, उसने अपने बच्चे को जन्म दिया और अब वो ख़ुद के और अपने बच्चे के स्वास्थ्य को बेहतर पा रही है. यह सकारात्मक बदला आ सका है यूएन खाद्य सहायता एजेंसी – WFP की बदौलत, जिसकी सहायता सुविधाएँ एक बार फिर क्षमता के साथ सक्रिय हुई हैं.