(खबरें अब आसान भाषा में)
प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोग EPF के दायरे में आते हैं। एंप्लॉयी की सैलरी का एक हिस्सा हर महीने उसके ईपीएफ अकाउंट में जमा होता है। उतना ही पैसा एंप्लॉयर भी एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में हर महीने कंट्रिब्यूट करता है