(खबरें अब आसान भाषा में)
बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एमएस कार्णिक और जस्टिस एनआर बोरकर की बेंच ने 5 मई को जगदीशन को राहत दी। बेंच ने यह कहते हुए इस मामले में दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया कि जगदीशन के खिलाफ की गई शिकायत सही (non-bona fide) नहीं थी