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कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) उद्योग के तेज़ी से होते विस्तार ने, एशिया में लाखों लोगों के रोज़गार को जोखिम में डाल दिया है. संयुक्त राष्ट्र के अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि इस प्रगति की क़ीमत, उन ग़रीब देशों को चुकानी पड़ रही है, जो अब भी बुनियादी डिजिटल पहुँच और साक्षरता हासिल करने के लिए संघर्षरत हैं.