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दुनिया भर में, क़रीब 61 करोड़ बच्चे ऐसे घरों में रहते हैं, जहाँ उनकी माताओं को पिछले वर्ष के दौरान, अपने अंतरंग साथी के हाथों शारीरिक, भावनात्मक या यौन हिंसा भुगतनी पड़ी. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के अनुसार, इन बच्चों के लिए ऐसी हिंसा, उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बन गई है.