(खबरें अब आसान भाषा में)
देश के बड़े फंड मैनेजर्स का मानना है कि 18 महीनों के कंसॉलिडेशन, उतार-चढ़ाव और वैल्यूएशन में गिरावट के बाद बाजार में अब स्थितियां बेहतर हो रही हैं। छोटे-बड़े शेयरों की कीमतों में हाल में बड़ी गिरावट के बाद वैल्यूएशंस अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं