दुनिया में हर साल, करोड़ो लोगों को भरपेट भोजन नही मिल पाता है, जबकि एक अरब टन से अधिक खाद्य सामग्री बर्बाद हो जाती है. यह संसाधनों की विशाल बर्बादी तो है ही, वैश्विक ग्रीनहाउस गैस और मीथेन उत्सर्जन में वृद्धि होने की वजह भी है, जोकि जलवायु परिवर्तन के लिए ज़िम्मेदार हैं. इसके मद्देनज़र, यूएन जलवायु शिखर सम्मेलन (COP30) में एक नई पहल शुरू की गई है.