(खबरें अब आसान भाषा में)
ईपीएफ में तीन तरह से पैसे जमा होते हैं। पहला, हर महीना एंप्लॉयी की सैलरी (बेसिक प्लस डीए का 12 फीसदी) का एक हिस्सा इसमें जमा होता है। दूसरा, एंप्लॉयर भी हर महीने एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में उतना ही पैसा जमा करता है। तीसरा, ईपीएफ अकाउंट में जमा पैसे पर सालाना इंटरेस्ट मिलता है