Investment guide : नीलेश शाह का कहना है कि चांदी को लेकर उनका अभी भी पॉजिटिव नजरिया है। सिल्वर की इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत बनी हुई है। पोर्टफोलियो में सोने और चांदी का भी हिस्सा होना चाहिए। FIIs का मानना है कि कंपनियों के वैल्युएशन महंगे हैं। FIIs डर का माहौल पैदा करना चाहते हैं। वहीं, DIIs का भारतीय शेयर मार्केट पर भरोसा बना हुआ है