(खबरें अब आसान भाषा में)
सूडान में जारी भीषण युद्ध की उच्चस्तरीय जाँच में, सभी लड़ाकों द्वारा किए गए गम्भीर अपराधों की कड़ी निन्दा की गई है. इस स्वतंत्र मानवाधिकार जाँच में पाया गया है कि आम लोगों को जानबूझकर निशाना बनाया गया, उन्हें विस्थापित होने पर मजबूर किया गया और भुखमरी की स्थिति में रखा गया.