सूडान के उत्तर दारफ़ूर के ज़मज़म शिविर में एक साल पहले, अकाल की घोषणा की गई थी. मगर, तब से अभी तक, हालात में कोई ख़ास बदलाव नहीं आया है. वहाँ न तो राहत सामग्री के ट्रक पहुँच पाए हैं, न ही नज़दीकी शहर अल-फ़शर की घेराबन्दी ख़त्म हुई है. दारफ़ूर में खाद्य पदार्थों की क़ीमतें देश के अन्य हिस्सों की तुलना में चार गुना ज़्यादा हैं.