जुलाई में, हिमालयी क्षेत्रों से लेकर अमेरिका के टैक्सस प्रान्त के ग्रामीण इलाक़ों तक आई भीषण बाढ़ की घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जान चली गई, और समय-पूर्व चेतावनी प्रणालियों की गम्भीर ख़ामियाँ उजागर हुईं. संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी (WMO) ने आगाह किया है कि इस विनाश के पीछे तेज़ी से हो रहा नगरीकरण, भूमि उपयोग में बदलाव व जलवायु परिवर्तन जैसी वजहें हैं, जिनसे वातावरण में नमी बढ़ रही है और बाढ़ का ख़तरा भी लगातार गहराता जा रहा है.