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यह छापेमारी 2,100 करोड़ रुपए के कथित शराब घोटाले के सिलसिले में की गई। ED सूत्रों ने बताया कि ऐसे कई नए सबूत सामने आए थे, जिनसे ये संकेत मिला कि घोटाले की रकम हासिल करने में चैतन्य की संदिग्ध भूमिका थी और इसी आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत यह कार्रवाई की गई