Jane Street ऑप्शंस सेगमेंट की बड़ी खिलाड़ी थी। यह जो प्रॉपरायटरी ट्रेड्स करती थी, उसका डेरिवेटिव सेगमेंट के कुल टर्नओवर में बड़ी हिस्सेदारी होती थी। जेन स्ट्रीट का मकसद ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाना होता था। हर ट्रेडर का मकसद प्रॉफिट कमाना होता है। ट्रेडर कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाना चाहता है