विश्व भर में जबरन विस्थापन का शिकार होने वाले लोगों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है. 2024 के अन्त तक, 12.32 करोड़ लोगों को जान बचाने और सुरक्षा की तलाश में मजबूरी में अपना घर छोड़ना पड़ा. यह संख्या 2023 से 6 फ़ीसदी अधिक है. सूडान, सीरिया, अफ़ग़ानिस्तान और यूक्रेन में ही एक-तिहाई लोग विस्थापित हुए हैं. बीते दस वर्षों में जबरन विस्थापितों का आँकड़ा लगभग दोगुना हो गया है. यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) समेत अन्य एजेंसियाँ धन कटौती से जूझ रही हैं, जिससे लाखों ज़िन्दगियाँ प्रभावित हो सकती हैं…(वीडियो)