प्लास्टिक प्रदूषण से हमारी पृथ्वी का दम घुट रहा है, पारिस्थितिकी तंत्रों की सेहत व जलवायु को नुक़सान पहुँच रहा है. नदियाँ, महासागर प्लास्टिक कचरा की गंदगी से बुरी तरह प्रभावित हैं और वन्यजीवन ख़तरे में है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 5 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के अवसर पर आम नागरिकों व समुदायों को साथ में लेकर प्लास्टिक प्रदूषण की चुनौती से निपटने की पुकार लगाई है.