हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ हमें याद दिलाता है कि मानवता ने प्रकृति को कितना नुक़सान पहुँचाया है – और साथ ही ये आगाह भी करता है कि अब आगे इस संकट से किस तरह से निपटना है. यह एक चेतावनी है कि अगर हमने तुरन्त क़दम नहीं उठाए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी रहने योग्य नहीं बचेगी. इस साल अन्तरराष्ट्रीय दिवस की थीम है: “प्लास्टिक प्रदूषण को हराएँ”. इसी सिलसिले में, यूएन पर्यावरण एजेंसी की ‘टाइड टर्नर चुनौती’ एक ऐसी पहल है, जो युवजन के प्रयासों के ज़रिए, प्लास्टिक प्रदूषण के विरुद्ध कार्रवाई को बढ़ावा दे रही है.