Noida International Airport: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बन रहे एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बस कुछ ही घंटे बाद हवाई जहाज उड़ने लगेंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 72 घंटे बाद टेस्टिंग फ्लाइट शुरू होने जा रही है। 15 नवंबर से शुरू होने वाला यह परीक्षण करीब एक महीने तक चलेगा और इस दौरान विमानों के उतरने और उड़ान भरने का सिलसिला जारी रहेगा।
15 नवंबर, 2024 से लेकर 15 दिसंबर 2024 तक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर कई एयरलाइंस खाली विमान उतरेंगे। 30 नवंबर को तीन प्रकार के विमान उतारकर रनवे का परीक्षण होगा। 30 नवंबर को यात्रियों के साथ विमान की रनवे पर लैंडिंग कराए जाने की प्लानिंग है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी की तरफ से अपनी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
7 करोड़ यात्रियों की क्षमता
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में एक हवाई पट्टी और एक टर्मिनल होगा, जिसकी क्षमता सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की आवाजाही को संभालने की होगी। पूरी तरह तैयार होने पर एशिया के इस सबसे बड़े हवाई की सालाना क्षमता सात करोड़ यात्रियों की होगी।
17 अप्रैल से कमर्शियल फ्लाइट्स
कमर्शियल फ्लाइट के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 90 दिन पहले सभी लाइसेंस लिए जाएंगे। संभावना है कि नोएडा एयरपोर्ट से अप्रैल, 2025 से कमर्शियल उड़ानों शुरुआत हो जाएगी। पहले दिन में 25 घरेलू उड़ानें, 3 अंतरराष्ट्रीय और दो कार्गो उड़ान के साथ कुल 30 उड़ाने संचालित करने की योजना है।
मंगलवार को बताया कि हवाई अड्डे पर एयरक्राफ्ट बीच किंग एयर 360 ईआर के जरिये 10 से 14 अक्टूबर तक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) की जांच की गई थी। वहीं हवाई अड्डे पर कैट-वन और कैट-3 उपकरण स्थापित हो चुके हैं, जो कोहरे में विमान की ऊंचाई और दृश्यता की जानकारी देते हैं। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने उपकरणों का निरीक्षण भी किया है। उड़ान के लिए जरूरी लाइसेंस का आवेदन और रनवे का परीक्षण 15 नवंबर से शुरू हो जाएगा। इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है।
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