(खबरें अब आसान भाषा में)
करीब 50 साल बाद जब 1976 बैच के कुछ दोस्त अपने पुराने स्कूल पहुंचे, तो उम्र जैसे कुछ देर के लिए पीछे छूट गई। कंधों पर स्कूल बैग, गले में रंगीन पानी की बोतल और चेहरे पर बचपन वाली मुस्कान थी। दोस्तों ने पुराने खेल खेले, शरारतें याद कीं और एक दिन फिर अपने स्कूली दिनों को जी लिया