(खबरें अब आसान भाषा में)
अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के नए आँकड़ों के अनुसार, 2026 के पहले चार महीनों में ख़राब मौसम, युद्ध, आर्थिक दबाव और बदलती नीतियों के कारण प्रवासन यात्राएँ और ख़तरनाक हुईं, जिससे प्रवासियों की मौतों में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई.