दरअसल, हरिद्वार में दशहरे के आसपास उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ऊपरी गंगनहर की वार्षिक बंदी करता है। इस दौरान नहर की सफाई, गाद निकालने, मरम्मत और घाटों से जुड़े जरूरी काम किए जाते हैं। इस साल 20 अक्टूबर की मध्यरात्रि से गंगनहर (gangnahar) का जलप्रवाह रोका गया है। इसे 7 नवंबर की मध्यरात्रि के बाद दोबारा शुरू किए जाने की योजना है। इसी कारण हर की पैड़ी सहित कई स्थानों पर गंगा का जलस्तर काफी कम हो गया है। गंगा में सामान्य दिनों के दौरान तेज बहाव के कारण सिक्के और दूसरी वस्तुएं तलाशना मुश्किल होता है। लेकिन पानी कम होने पर नदी की तलहटी और रेत में पड़ी चीजें दिखाई देने लगती हैं। यही वह समय है, जब सिक्के और धातु की वस्तुएं तलाशने वाले लोग घाटों पर पहुंचने लगते हैं।