Indian Railways News: भारतीय रेलवे (Indian Railway) पिछले कुछ समय से लगातार नई-नई पहल कर रहा है। 21वीं सदी के इस आधुनिक दौर में इंडियन रेलवे (Indian Railway) ने तकनीक के सहारे खुद को काफी अपडेट किया है, ताकि यात्रियों के सफर को सुगम बनाया जा सके।
रेलवे (Railway) की ओर से लगातार कोशिशें की जा रही हैं कि गलतियों और लापरवाही से बचा जा सकें, लेकिन फिर भी कहीं न कहीं कुछ कमी रह ही जाती है। चाहे वो गलतफहमी की वजह से हो या तकनीकी खामियों की वजह से। अब एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल एक स्टेशन मास्टर (Master) के सिर्फ ‘OK’ कहने भर से रेलवे (Railway) का 3 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है।
पति-पत्नी के झगड़े में हुए रेलवे का नुकसान
दरअसल ये पूरा मामला ईस्ट कोस्ट रेलवे जोन के तहत आने वाले विशाखापटनम रेलवे स्टेशन का है, जहां हाल ही में एक स्टेशन मास्टर ने अपनी पत्नी से झगड़े के दौरान OK कहा और ये OK रेलवे के लिए बहुत भारी पड़ गया। पति-पत्नी के झगड़े में रेलवे का 3 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। ये मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
जानकारी के मुताबिक स्टेशन मास्टर ड्यूटी के दौरान अपनी पत्नी से फोन पर बात कर रहे थे और दोनों के बीच आपसी विवाद को लेकर झगड़ा हो रहा था। स्टेशन मास्टर ने OK कहकर फोन रखा दिया, लेकिन उनके साथी कर्मी ने इस OK को ट्रेन के लिए ग्रीन सिग्नल समझ लिया और ट्रेन को उस रूट पर रवाना कर दिया, जो रूट बैन है। स्टेशन मास्टर के OK के बाद उनके सहकर्मी ने नाइट कर्फ्यू प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जिसके चलते रेलवे को 3 करोड़ रुपए का जुर्माना भरना पड़ा।
माओवादी-प्रभावित क्षेत्र में पहुंची ट्रेन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाई गई वो माओवादी-प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हो गई, जहां ट्रेनों का जाना प्रतिबंधित है, हालांकि गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन नाइट कर्फ्यू के उल्लंघन के चलते भारतीय रेलवे को 3 करोड़ रुपए का जुर्माना देना पड़ा। ड्यूटी के दौरान इस लापरवाही के चलते स्टेशन मास्टर को रेलवे की ओर से सस्पेंड कर दिया गया, जिसके बाद स्टेशन मास्टर की जिंदगी उलट-पुलट हो गई। उसका पत्नी से तलाक हो गया।
सुप्रीम कोर्ट का भी किया रुख
रेलवे की ओर से निलंबित होने के बाद इस स्टेशन मास्टर (Station Master) ने विशाखापटनम (Vishakhapatnam) के फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दायर की। इतना ही नहीं पत्नी ने भी पति और ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। वो सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके मामले को अपने होम टाउन छत्तीसगढ़ के दुर्ग में शिफ्ट कराने में भी कामयाब रही, जहां महिला ने दावा किया कि उसकी जान को खतरा है। पत्नी ने स्टेशन मास्टर और उसके परिवार दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया, लेकिन 12 साल के लंबे झगड़े के बाद कोर्ट ने दोनों का तलाक मंजूर कर लिया। 12 अक्टूबर 2011 को दोनों की शादी हुई थी। कोर्ट ने पाया कि पत्नी किसी दूसरे शख्स के साथ अपने पुराने रिश्ते को लेकर इस शादी से खुश नहीं थी।
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