H-1B Visa Fee Hike: यह नया 100,000 डॉलर का सालाना शुल्क मौजूदा H-1B वीजा लागतों में बड़ी वृद्धि है, जो आमतौर पर कुछ हजार डॉलर होती है। इस बदलाव से इंफोसिस, टीसीएस और विप्रो जैसी भारतीय आईटी सेवा कंपनियों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है, जो ऐतिहासिक रूप से ग्राहक परियोजनाओं और कौशल विकास के लिए जूनियर और मिड-लेवल इंजीनियरों को अमेरिका लाती रही हैं