सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस मामले में केंद्र का पक्ष रखने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, "कॉर्पोरेट हॉस्पिटल्स किसी को नहीं बख्शते हैं। यहां तक की वे मृतक के शरीर तक को ले जाने की इजाजत नहीं देते हैं। फार्मा सेक्टर को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।" दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणियां एक याचिका की सुनवाई के दौरान की।