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जामिया के VC ने अपने बयान में कहा कि भारत में भले ही धर्म, भाषा और संस्कृति अलग-अलग हों, लेकिन सबके भीतर “महादेव का DNA” है। इस पर कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने तालियां भी बजाईं, लेकिन छात्र संगठनों ने इसे गलत और “अवैज्ञानिक” बताया