सूडान के विभिन्न हिस्सों में ड्रोन हमलों में मारे जा रहे आम नागरिकों की बढ़ती संख्या और दारफ़ूर और कोर्दोफ़ान क्षेत्र में अकाल के जोखिम के बीच शुक्रवार को सुरक्षा परिषद की बैठक हुई है. यूएन की वरिष्ठ अधिकारी ने सदस्य देशों से आग्रह किया है कि युद्धरत लड़ाकों को समर्थन देने वाले पक्षों पर इस लड़ाई का अन्त करने का दबाव डाला जाना होगा.
राजनैतिक एवं शान्तिनिर्माण मामलों की अवर महासचिव रोज़मैरी डीकार्लो ने सदस्य देशों को बताया कि सूडान की जनता इस हिंसक टकराव की बर्बर वास्तविकता का सामना कर रही है: निरन्तर जारी लड़ाई, बद से बदतर हो रहा मानवीय संकट, आर्थिक बदहाली और बुनियादी सेवाओं की क़िल्लत.
उन्होंने कहा कि सूडान में अब भी युद्धरत पक्षों को हथियारों की आपूर्ति हो रही है और सभी पक्षों द्वारा लड़ाके भर्ती किए जा रहे हैं, जिससे यह टकराव आगामी महीनों में और भीषण हो सकता है.
देश भर में, ड्रोन और हवाई हमलों में जान-माल की हानि हो रही है, शैक्षणिक केन्द्रों, नागरिक प्रतिष्ठानों और विस्थापितों के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों को नुक़सान पहुँच रहा है. मानवीय सहायता अभियानों के भी इन हमलों की चपेट में आने की ख़बरें हैं.
अवर महासचिव डीकार्लो ने कहा कि बर्बरता को टालने के लिए केवल चिन्ता व्यक्त करने से आगे बढ़कर क़दम उठाने होंगे.
उन्होंने कहा कि युद्धरत पक्षों और उन्हें हथियार, वित्तीय मदद और राजनैतिक समर्थन देने वालों पर इस युद्ध का अन्त करने के लिए दबाव डाला जाना चाहिए.
रोज़मैरी डीकार्लो ने बताया कि अब और प्रतीक्षा करने का समय नहीं है. हिंसा में कमी लाने, ज़िन्दगियाँ बचाने और आम लोगों की पीड़ा को दूर करने के लिए व्यावहारिक उपाय किए जाने होंगे. साथ ही, उन्होंने सभी पक्षों से ड्रोन के इस्तेमाल पर तुरन्त रोक लगाने का आग्रह किया है.
सूडान की सशस्त्र सेना और अतीत में उसके सहयोगी रहे अर्द्धसैनिक बल (RSF) के बीच अप्रैल 2023 में, देश पर नियंत्रण के मुद्दे पर हिंसक टकराव भड़क उठा था, जिससे एक बड़ा मानवीय व विस्थापन संकट उपजा.
दो करोड़ लोगों के पास भरपेट भोजन नहीं है, लाखों लोग अन्य देशों व सूडान के ही अन्य हिस्सों में विस्थापित होने के लिए मजबूर हुए हैं. दारफ़ूर और ग्रेटर कोर्दोफ़ान क्षेत्र के कुछ हिस्सों में अकाल का जोखिम बढ़ रहा है.
यूक्रेन में रूसी सैन्य बलों के हमले में हताहत होने वाले आम नागरिकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है. यूएन मानवाधिकार निगरानी कार्यालय ने बताया है कि सितम्बर में हताहतों की संख्या, अन्य वर्षों की तुलना में कहीं अधिक आंकी गई है.
पिछले महीने, कम से कम 328 आम नागरिक मारे गए और 2,105 घायल हुए जोकि सितम्बर 2025 की तुलना में 85 फ़ीसदी अधिक है.
यूएन कार्यालय के अनुसार, यह रुझान अक्टूबर में भी जारी नज़र आ रहा है. चेरिनिहीव क्षेत्र में 6-7 अक्टूबर की रात्रि में हुए ड्रोन व मिसाइल हमलों में 22 लोग मारे गए और 45 घायल हुए.
मानवाधिकार निगरानी मिशन की प्रमुख, डैनियल बैल ने बताया कि अक्टूबर 2026 के पहले दो सप्ताह आम नागरिकों के लिए सबसे जानलेवा समय में साबित हुए हैं. देश के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को भी व्यवस्थागत ढंग से निशाना बनाया जा रहा है.
यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने भी रूसी महासंघ और उसके नियंत्रण वाले इलाक़ों में बिजली और तापन व्यवस्था के लिए बनाए गए ढाँचों को निशाना बनाया है.
यूएन मिशन ने चिन्ता जताई है कि सर्दी के मौसम से पहले, ऊर्जा संयंत्रों पर किए जा रहे हमलों से आम नागरिकों के लिए परेशानी और गहरा जाएगी.
अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने आगाह किया है कि क्षतिग्रस्त घरों और ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों की वजह से, अपने घर वापिस लौटे यूक्रेनी नागरिकों के फिर से विस्थापित होने का जोखिम है.