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दुनिया भर में हर चार में से एक रोज़गार, जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) की चपेट में आ सकता है, मगर यह भी अनुमान है कि टैक्नॉलॉजी कर्मचारियों का स्थान लेने के बजाय उनके कामकाज के तौर-तरीक़ों में बड़े बदलाव की वजह बनेगी. अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के एक नए अध्ययन में निष्कर्ष साझा किया गया है.