(खबरें अब आसान भाषा में)
सरकार सीधे विदेश निवेश के नियमों में दो बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है। पहला बदलाव ये है कि अगर कोई पैरेंट कंपनी सीधे विदेशी निवेश के लिए एक बार मंजूरी ले लेती है और इस पैसे को अपनी किसी डाउन स्ट्रीम कंपनी में लगाना चाहती है तो इसके लिए उसे सरकार से फिर से मंजूरी नहीं लेनी पड़ेगी