आठ दशक पहले, 26 जून 1945 को 50 देशों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन फ़्रांसिस्को शहर में संयुक्त राष्ट्र चार्टर, एक ऐसे दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए जिससे इतिहास की दिशा बदल गई. दूसरे विश्व युद्ध के विध्वंस की पृष्ठभूमि में, इस चार्टर की प्रस्तावना में भविष्य में युद्धों की रोकथाम करने, मानवाधिकारों में फिर से भरोसा बहाल करने और शान्ति व सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देने की भावना को परिलक्षित किया गया.