“मीडिया वास्तविकता को दर्शाता है और लोकतंत्र की नींव है. लेकिन जब उसमें महिलाओं की मौजूदगी नहीं होती है, तो लोकतंत्र अधूरा रह जाता है.” ये शब्द यूएन महिला संस्था – UN Women की कार्यकारी उप निदेशक किर्सी माडी के हैं. सन्दर्भ है कि महिलाएँ, वैश्विक आबादी का आधा हिस्सा हैं, मगर इसके बावजूद समाचार जगत में उनकी उपस्थिति कम ही नज़र आती है.