(खबरें अब आसान भाषा में)
आज के बढ़ते इस मंहगाई में बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। मकान का किराया, राशन, बिजली, ट्रांसपोर्ट और पारिवारिक खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में महीने के अंत में आते-आते हाथ में एक भी रुपये नहीं बचते हैं।