क्रिकेट के मैदान में स्मृति मंधाना की सफलता, उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प की एक मिसाल है, जिसके बल पर उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई. अब एक नई भूमिका में उनका लक्ष्य लड़कियों के अधिकारों और समान अवसरों के पक्ष में आवाज़ बुलन्द करना है ताकि हर एक लड़की को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा निखारने का मौक़ा मिल सके.
भारत में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने 11 अक्टूबर को 'अन्तरराष्ट्रीय बालिका दिवस' के अवसर पर, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान स्मृति मंधाना को अपना 'सेलिब्रिटी पैरोकार' नियुक्त किए जाने की घोषणा की.
अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेटर अब अपनी इस नई पारी में, किशोर लड़कियों के स्वास्थ्य, कल्याण और नेतृत्व को बढ़ावा देने के प्रयासों में योगदान देंगी.
उन्होंने सेलिब्रिटी पैरोकार के रूप में नियुक्ति पर कहा, "मैंने बचपन में क्रिकेट खेलने से सीखा कि हर सपने की शुरुआत एक अवसर से होती है. मेहनत, दृढ़ संकल्प और प्रोत्साहन से वह अवसर एक असाधारण उपलब्धि में बदल सकता है."
उन्होंने इस नई भूमिका को अपने लिए सम्मान बताते हुए कहा कि हर बच्चे व युवा को बड़े सपने देखने और अपनी पूरी क्षमता तक पहुँचने का अवसर मिलना चाहिए.
स्मृति मंधाना इससे पहले भी यूनीसेफ़ और अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के लैंगिक समानता एवं जीवन कौशल सम्बन्धी अभियानों का समर्थन कर चुकी हैं.
अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित स्मृति मंधाना, वर्ष 2025 में पहली बार ICC महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थीं.
2026 में, वह महिला अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट और महिला टी20 अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बनीं.
भारत में यूनीसेफ़ की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ़्री ने स्मृति मंधाना की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि उनका सफ़र दिखाता है कि सही अवसर मिलने पर लड़कियाँ क्या कुछ हासिल कर सकती हैं.
"भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बाल एवं युवा आबादी है. ऐसे में लड़कियों के अधिकारों, नेतृत्व और कल्याण में निवेश करना किसी भी देश के लिए सबसे समझदारी भरे निवेशों में से एक है."
भारत में लगभग 25.3 करोड़ किशोर-किशोरियाँ हैं, जोकि कुल आबादी का लगभग 20 फ़ीसदी हैं. देश में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बढ़ी है, लेकिन ग़रीबी और सामाजिक बाधाओं की वजह से अक्सर अनेक लड़कियों के लिए अवसर सीमित हो जाते हैं.
यूनीसेफ़, सरकारों और अपने साझीदार संगठनों के साथ मिलकर लड़कियों के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए काम कर रहा है.
सिंथिया मैककैफ़्री ने उम्मीद जताई कि स्मृति मंधाना के साथ यह साझेदारी हर लड़की को सीखने, खेलने, नेतृत्व करने और अपने सपने साकार करने के अवसर हासिल करने में मदद करेगी.