प्रारम्भिक साक्षरता को शैक्षणिक और आर्थिक सफलता की नींव माना जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए, भारत और संयुक्त राष्ट्र की साझेदारी में चल रहे विकास कोष से, अल सल्वाडोर में 67 हज़ार से अधिक पुस्तकें वितरित की गई हैं जिनसे साढ़े पाँच हज़ार से अधिक परिवारों और लगभग छह हज़ार बच्चों में, पढ़ने की आदत को प्रोत्साहन मिलने की आशा है.