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माना जा रहा है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से गिरावट रोकने में मदद मिली। इसके अलावा एक कारण यह भी है कि पिछले कारोबारी सत्र में आई गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की