दक्षिण प्रायद्वीप में सक्रिय मानसूनी और चक्रवाती प्रणालियों के कारण बारिश की गतिविधियां सबसे अधिक प्रभावशाली रहेंगी। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बने निम्न दबाव के कारण दक्षिणी राज्यों में मौसम बिगड़ा रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल संग केरल और माहे के क्षेत्रों में 21 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके बाद भी 26 और 27 अक्टूबर को इन इलाकों में छिटपुट भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। लक्षद्वीप में 21, 22 और 25 अक्टूबर को भारी बारिश और 23-24 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 25 अक्टूबर के दौरान और तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 21 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जाएगी। दक्षिण भारत के इन हिस्सों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।